Kabir ke Dohe in Hindi ; कबीर के दोहे अर्थ सहित

Kabir Amritvani Bodh Battisa

Kabir ke Dohe in Hindi परम सुख-आनंद अथवा मोक्ष किसी न किसी रूप में सभी पाना चाहते है। वस्तुतः अनमोल मनुष्य-जीवन का परमोद्देश्य ही मोक्ष पाना है। परन्तु जब तक उसके यथार्थ बोधानुसार उसकी अनुकूल दिशा में पांव नहीं बढ़ाया जायेगा, अर्थात उसका यथा आचरण नहीं होगा, तब तक उसकी प्राप्ति संभव नहीं। एक घड़ी … Read more

Kabir Saheb Aarti । कबीर साहेब आरती। कबीर गुरु महिमा। 2026

Kabir ke dohe

 सदगुरु Kabir Saheb Aarti  ,ज्ञान अधार विवेक की बाती, सुरति ज्योत जहाँ जाग। आरती करूं सद्गुरु साहेब की, जहाँ सब सन्त समाज। दरश परस गुरु चरण शरण भयो, टूटि गयो यम के जाल। कबीर गुरु महिमा के बारे में लिख रहा हूँ आशा करता हूँ। आप सभी को पसंद आएगा साहेब बंदगी Kabir Saheb Aarti  वंदना … Read more